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बिहार मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026: किसानों को बोरिंग और मोटर पंप पर ₹67,200 तक सब्सिडी, कैसे मिलेगा अनुदान? आवेदन प्रक्रिया जानें

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026 के तहत बिहार के किसान को नलकूप और मोटर पंप पर सरकारी सब्सिडी
मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026 के अंतर्गत पात्र किसानों को नलकूप बोरिंग एवं मोटर पंप पर अनुदान का लाभ दिया जाता है।


बिहार सरकार द्वारा मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026 की शुरुआत राज्य के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। इस योजना के माध्यम से किसानों को अपने खेतों में निजी नलकूप एवं मोटर पंप लगाने के लिए सरकार द्वारा अनुदान (सब्सिडी) प्रदान की जाती है। इससे किसानों को समय पर सिंचाई की सुविधा मिलती है और खेती के लिए वर्षा पर निर्भरता कम होती है।

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना विशेष रूप से उन किसानों के लिए लाभकारी है जिनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से किसान आधुनिक सिंचाई संसाधन स्थापित कर सकते हैं, जिससे फसल उत्पादन बढ़ाने और कृषि कार्य को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलती है।

यदि आप बिहार के निवासी किसान हैं और इस योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए महत्वपूर्ण है। इस लेख में हम आपको मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026 से जुड़ी पात्रता, लाभ, सब्सिडी दर, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया तथा अन्य महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से बताने वाले हैं।


महत्वपूर्ण अपडेट (2026) – बिहार मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना

मंत्रिपरिषद ने 2026 के लिए बिहार मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के संबंध में एक नया अपडेट जारी किया है।

अब इस योजना के तहत 11,000 नए नलकूप उपलब्ध कराए जाएंगे।

इसके साथ ही सिंचित क्षेत्र के लक्ष्य में भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां लक्ष्य 1,75,000 हेक्टेयर था, अब इसे बढ़ाकर 2,30,000 हेक्टेयर कर दिया गया है।


latest update 2026 - बिहार मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना
अपडेट (2026) – बिहार मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना


Mukhyamantri Niji Nalkup Yojana 2026 Overview

विवरण जानकारी
योजना का नाम मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना
राज्य बिहार
विभाग लघु जल संसाधन विभाग
उद्देश्य किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना
लाभार्थी बिहार के पात्र किसान
आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन
अनुदान का माध्यम DBT (Direct Benefit Transfer)
मुख्य लाभ नलकूप बोरिंग एवं मोटर पंप पर अनुदान
आधिकारिक वेबसाइट https://mwrd.bihar.gov.in/mnny/Default.aspx




    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के उद्देश्य

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना का मुख्य उद्देश्य बिहार के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराना और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है। इस योजना के माध्यम से सरकार खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने, किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम करने तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि करने का प्रयास कर रही है।

    योजना के प्रमुख उद्देश्य

    • किसानों को सिंचाई की स्थायी एवं विश्वसनीय सुविधा उपलब्ध कराना।
    • खेती के लिए वर्षा पर निर्भरता को कम करना।
    • कृषि उत्पादन एवं फसल उत्पादकता में वृद्धि को बढ़ावा देना।
    • छोटे एवं सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना।
    • खेतों तक समय पर सिंचाई का पानी पहुंचाना।
    • कृषि क्षेत्र में आधुनिक सिंचाई व्यवस्था को प्रोत्साहित करना।
    • किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता करना।
    यह योजना राज्य के किसानों को बेहतर सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराकर कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।




    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना की प्रमुख विशेषताएं

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना बिहार के किसानों को सिंचाई सुविधाओं से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को निजी नलकूप एवं मोटर पंप की स्थापना पर अनुदान का लाभ दिया जाता है। योजना की कुछ प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

    • 4 से 6 इंच व्यास तथा 15 से 70 मीटर गहराई तक के निजी नलकूपों पर अनुदान की सुविधा।
    • 2 HP से 5 HP क्षमता तक के सबमर्सिबल एवं सेंट्रीफ्यूगल मोटर पंप पर निर्धारित दर से अनुदान।
    • अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) एवं पिछड़ा वर्ग के किसानों को अधिक अनुदान का लाभ।
    • अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
    • लघु एवं सीमांत किसानों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है।
    • प्रत्येक पात्र किसान को योजना का लाभ एक बार दिया जाता है।
    • योजना का लाभ मुख्य रूप से असिंचित कृषि क्षेत्रों के किसानों के लिए उपलब्ध है।
    • भूजल के अत्यधिक दोहन वाले (Over Exploited) क्षेत्रों को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

    यह योजना किसानों को सिंचाई के लिए स्थायी संसाधन उपलब्ध कराने तथा कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।



    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के लाभ

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत पात्र किसानों को सिंचाई सुविधाओं के विकास के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना विशेष रूप से उन कृषि क्षेत्रों के लिए लागू की गई है जहां पर्याप्त सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है और तकनीकी रूप से नलकूप स्थापना संभव है।

    योजना के अंतर्गत स्वीकृत लाभार्थियों को अनुदान राशि सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है, जिससे भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी और सुविधाजनक बनी रहती है।

    योजना के तहत मिलने वाले प्रमुख लाभ

    • 70 मीटर तक की गहराई वाले निजी नलकूप (ट्यूबवेल) के निर्माण/बोरिंग पर अनुदान।
    • 2 HP से 5 HP क्षमता तक के मोटर पंप सेट की खरीद एवं स्थापना पर निर्धारित सहायता।
    • सिंचाई सुविधाओं का विस्तार कर खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाना।
    • किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम करने में सहायता।
    • कृषि उत्पादन और फसल की गुणवत्ता में सुधार को बढ़ावा।

    यह योजना किसानों को बेहतर सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराकर कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।



    नलकूप बोरिंग पर मिलने वाली सब्सिडी

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत नलकूप बोरिंग की लागत ₹1200 प्रति मीटर निर्धारित की गई है। अनुदान की राशि किसान की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग निर्धारित की गई है। योजना के तहत अधिकतम 70 मीटर तक की गहराई पर सब्सिडी का लाभ दिया जाता है। अनुदान प्राप्त करने के लिए न्यूनतम बोरिंग गहराई 15 मीटर होना आवश्यक है।

    किसान श्रेणी अनुदान प्रतिशत प्रति मीटर अनुदान अधिकतम अनुदान (70 मीटर तक)
    सामान्य वर्ग 50% ₹600 ₹42,000
    BC/EBC वर्ग 70% ₹840 ₹58,800
    SC/ST वर्ग 80% ₹960 ₹67,200



    मोटर पंप सेट पर मिलने वाली सब्सिडी

    योजना के अंतर्गत सबमर्सिबल एवं सेंट्रीफ्यूगल दोनों प्रकार के मोटर पंप शामिल हैं। मोटर पंप पर मिलने वाली सहायता राशि किसान की श्रेणी तथा पंप की क्षमता (HP) के अनुसार निर्धारित की जाती है।

    सामान्य वर्ग (50% अनुदान)

    मोटर पंप क्षमता अनुदान राशि
    2 HP ₹10,000
    3 HP ₹12,500
    5 HP ₹15,000

    BC/EBC वर्ग (70% अनुदान)

    मोटर पंप क्षमता अनुदान राशि
    2 HP ₹14,000
    3 HP ₹17,500
    5 HP ₹21,000

    SC/ST वर्ग (80% अनुदान)

    मोटर पंप क्षमता अनुदान राशि
    2 HP ₹16,000
    3 HP ₹20,000
    5 HP ₹24,000



    सब्सिडी भुगतान प्रक्रिया

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत अनुदान राशि दो चरणों में जारी की जाती है। सबसे पहले नलकूप बोरिंग का कार्य पूरा होने और जल उपलब्धता के सत्यापन के बाद संबंधित अनुदान स्वीकृत किया जाता है। इसके बाद मोटर पंप की स्थापना तथा आवश्यक जांच पूरी होने पर दूसरी किस्त जारी की जाती है।

    किसान अपनी सुविधा के अनुसार नलकूप बोरिंग और मोटर पंप से संबंधित दावा अलग-अलग या एक साथ भी प्रस्तुत कर सकते हैं। सभी आवश्यक सत्यापन और स्वीकृति के बाद अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। भुगतान स्वीकृत होने पर आवेदक को SMS के जरिए भी सूचना दी जाती है।

    यदि सब्सिडी दावा अस्वीकृत हो जाए

    यदि किसी कारण से अनुदान का दावा अस्वीकृत हो जाता है, तो आवेदक को आवश्यक कमियों या त्रुटियों को सुधारने का अवसर दिया जाता है। किसान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेज़ों या जानकारी को पुनः अपलोड कर सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर मामले की समीक्षा उच्च अधिकारियों द्वारा भी की जा सकती है।


    बिहार मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना पात्रता (Eligibility)

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित पात्रता शर्तों को पूरा करना आवश्यक है:

    • आवेदक बिहार का स्थायी निवासी एवं किसान होना चाहिए।
    • किसान की भूमि ऐसे क्षेत्र में स्थित हो जहां पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
    • आवेदक के पास न्यूनतम 40 डिसमिल कृषि भूमि होनी चाहिए।
    • संबंधित भूमि तकनीकी रूप से नलकूप स्थापना के लिए उपयुक्त होनी चाहिए।
    • प्रस्तावित स्थान पर पहले से कोई बोरिंग या नलकूप स्थापित नहीं होना चाहिए।
    • आवेदक ने उसी कार्य के लिए पूर्व में किसी सरकारी योजना से सहायता प्राप्त नहीं की हो।
    • योजना का लाभ प्रत्येक किसान को केवल एक बार दिया जाएगा।

    योजना से बाहर कौन होंगे?

    निम्नलिखित श्रेणी के किसान इस योजना का लाभ प्राप्त करने के पात्र नहीं होंगे:

    • ऐसे किसान जिनकी भूमि Over Exploited (अत्यधिक भूजल दोहन) क्षेत्र में आती है।
    • Critical Ground Water Area में स्थित भूमि वाले किसान।
    • जिन किसानों को पहले से इसी कार्य के लिए सरकारी सहायता मिल चुकी है।
    • जिनके खेत में पहले से नलकूप या बोरिंग उपलब्ध है।

    आवश्यक दस्तावेज (Required Documents)

    ऑनलाइन आवेदन के समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है:

    • आधार कार्ड
    • भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र (LPC)
    • बैंक पासबुक की प्रति
    • सक्रिय मोबाइल नंबर
    • पासपोर्ट आकार का फोटो
    • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    • खेत की फोटो (Latitude एवं Longitude सहित)
    • स्वघोषणा पत्र

    इन सभी दस्तावेजों को सही एवं स्पष्ट रूप से अपलोड करना आवश्यक है, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न हो।



    महत्वपूर्ण लिंक

    लिंक विवरण महत्वपूर्ण लिंक
    आधिकारिक वेबसाइट यहाँ क्लिक करें
    ऑनलाइन आवेदन जल्द सक्रिय होगा / यहाँ क्लिक करें
    आवेदन की स्थिति जांचें यहाँ क्लिक करें
    आवेदन कब शुरू होगा आवेदन शुरू
    हेल्पलाइन / संपर्क आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध


    बिहार मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। इच्छुक किसान विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।


    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन
    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन


    चरण 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएं

    सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर उपलब्ध "ऑनलाइन आवेदन" विकल्प पर क्लिक करके आवेदन पोर्टल खोलें।

    चरण 2: व्यक्तिगत एवं भूमि संबंधी जानकारी दर्ज करें

    आवेदन फॉर्म में आवेदक का नाम, आधार संख्या, मोबाइल नंबर तथा भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज करें। आवश्यक सत्यापन पूरा करने के बाद अगले चरण पर जाएं।

    चरण 3: आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें

    निर्धारित प्रारूप में सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें, जैसे—

    • आधार कार्ड
    • LPC / भूमि संबंधी दस्तावेज
    • बैंक खाता विवरण
    • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    • अन्य आवश्यक दस्तावेज

    चरण 4: स्वघोषणा एवं आवेदन जमा करें

    फॉर्म को अंतिम बार ध्यानपूर्वक जांच लें। सभी जानकारी सही पाए जाने पर स्वघोषणा स्वीकार करें और आवेदन ऑनलाइन जमा कर दें।


    आवेदन सत्यापन प्रक्रिया

    आवेदन जमा होने के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा विभिन्न बिंदुओं की जांच की जाती है, जैसे—

    • भूमि की उपयुक्तता
    • सिंचाई स्रोत की उपलब्धता
    • आधार सत्यापन
    • भूमि स्वामित्व सत्यापन
    • दस्तावेजों का सत्यापन

    सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन को स्वीकृति प्रक्रिया के लिए आगे बढ़ाया जाता है।


    स्वीकृति के बाद महत्वपूर्ण नियम

    आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसान को निर्धारित स्थान पर ही कार्य कराना होगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करना आवश्यक है। विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त समय दिया जा सकता है।


    सब्सिडी दावा (Claim) कैसे करें?

    नलकूप बोरिंग और मोटर पंप स्थापना का कार्य पूरा होने के बाद किसान को पोर्टल पर सब्सिडी दावा प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए बिल, फोटो एवं अन्य आवश्यक प्रमाण अपलोड करने होंगे।


    भौतिक सत्यापन (Physical Verification)

    सब्सिडी जारी करने से पहले विभागीय अभियंताओं द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान बोरिंग की स्थिति, जल उपलब्धता, मोटर पंप स्थापना एवं अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन किया जाता है।


    सब्सिडी भुगतान

    सभी दस्तावेजों और सत्यापन प्रक्रिया के पूरा होने के बाद स्वीकृत अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है। भुगतान स्वीकृत होने पर आवेदक को सूचना भी प्रदान की जाती है।




    पाइप एवं मोटर पंप के लिए निर्धारित गुणवत्ता मानक

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत उपयोग की जाने वाली पाइप एवं मोटर पंप निर्धारित BIS/ISI मानकों के अनुरूप होने चाहिए। अनुदान का लाभ प्राप्त करने के लिए मानक गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग आवश्यक है।

    सामग्री निर्धारित मानक
    PVC Casing Pipe IS 12818:1992
    PVC Screen Pipe IS 12818:1992
    Centrifugal Motor Pump IS 6595 (Part-1):2018 / IS 9079:2018
    Submersible Motor Pump Set IS 8034:2018

    सामग्री खरीदते समय यह सुनिश्चित करें कि उत्पाद निर्धारित BIS/ISI मानकों के अनुरूप हो, ताकि सत्यापन एवं अनुदान प्रक्रिया में किसी प्रकार की समस्या न हो।


    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना FAQs

    सवाल जवाब
    इस योजना का लाभ किन किसानों को मिल सकता है? बिहार के ऐसे किसान जिनके पास न्यूनतम 40 डिसमिल कृषि भूमि है और जिनकी भूमि पात्र असिंचित क्षेत्र में स्थित है, वे आवेदन कर सकते हैं।
    नलकूप बोरिंग के लिए न्यूनतम गहराई कितनी होनी चाहिए? योजना के तहत अनुदान प्राप्त करने के लिए बोरिंग की गहराई कम से कम 15 मीटर होना आवश्यक है।
    क्या योजना का लाभ बार-बार लिया जा सकता है? नहीं, योजना का लाभ प्रत्येक पात्र किसान को केवल एक बार ही प्रदान किया जाता है।
    क्या आधार से बैंक खाता लिंक होना जरूरी है? हाँ, अनुदान राशि सीधे DBT के माध्यम से भेजी जाती है, इसलिए आधार से जुड़ा बैंक खाता आवश्यक है।
    स्वीकृति मिलने के बाद कार्य पूरा करने की समय सीमा क्या है? आमतौर पर स्वीकृति के बाद 60 दिनों के भीतर कार्य पूरा करना होता है। उचित कारण होने पर अतिरिक्त समय भी दिया जा सकता है।
    यदि पहले ही नलकूप लगवा लिया गया हो तो क्या अनुदान मिलेगा? योजना के नियमों के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर अनुदान का दावा स्वीकार नहीं किया जा सकता।
    आवेदन स्वीकृत होने के बाद किसान को क्या करना होगा? स्वीकृति के बाद नलकूप एवं मोटर पंप की स्थापना कर संबंधित दस्तावेज और फोटो पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।
    अनुदान की राशि किस प्रकार प्राप्त होती है? सत्यापन एवं स्वीकृति के बाद राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है।
    किन कारणों से आवेदन रद्द हो सकता है? गलत जानकारी, अधूरे दस्तावेज, पात्रता शर्तें पूरी न होना या सत्यापन में विसंगति पाए जाने पर आवेदन अस्वीकृत किया जा सकता है।
    यदि दावा अस्वीकृत हो जाए तो क्या दोबारा अवसर मिलता है? हाँ, निर्धारित कमियों को सुधारकर आवेदक पुनः आवश्यक जानकारी और दस्तावेज जमा कर सकता है।


    निष्कर्ष 

    मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना 2026 बिहार के किसानों के लिए एक लाभकारी योजना है, जिसका उद्देश्य खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाना और किसानों की वर्षा पर निर्भरता कम करना है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को नलकूप बोरिंग एवं मोटर पंप पर अनुदान प्रदान किया जाता है, जिससे वे अपने खेतों में बेहतर सिंचाई व्यवस्था विकसित कर सकें। यदि आप बिहार के पात्र किसान हैं और योजना की सभी शर्तों को पूरा करते हैं, तो समय पर आवेदन करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना न केवल सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करती है, बल्कि कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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