
बिहार सरकार द्वारा चौर क्षेत्रों की अनुपयोगी निजी भूमि को मत्स्य पालन के लिए विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को तालाब निर्माण एवं मत्स्य पालन के लिए 50% तक अनुदान दिया जा सकता है। इच्छुक किसान योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की पूरी जानकारी नीचे देख सकते हैं।
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 क्या है ?
बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा चौर क्षेत्र की अनुपयोगी एवं अविकसित निजी भूमि को मत्स्य पालन के लिए विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना संचालित की जा रही है। यह योजना सात निश्चय-2 के तहत शुरू की गई थी और इसका मुख्य उद्देश्य चौर भूमि को तालाब आधारित मत्स्य पालन से जोड़कर किसानों की आय तथा रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
2026-27 की नई अपडेट के अनुसार, मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना के लिए बिहार मत्स्य निदेशालय ने योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं में शामिल किया है। एक हेक्टेयर भूमि में तालाब निर्माण एवं इनपुट सहित इकाई लागत ₹9.69 लाख तक निर्धारित की गई है और सामान्य वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए 50% अनुदान का प्रावधान दिखाया गया है।
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026: New updates
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 को लेकर किसानों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आई है। बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू किया है। योजना के अंतर्गत चौर क्षेत्रों की अनुपयोगी निजी भूमि को तालाब एवं मत्स्य पालन के लिए विकसित करने पर 50% तक अनुदान दिया जाएगा।
नई जानकारी के अनुसार, एक हेक्टेयर में दो तालाब के लिए इकाई लागत ₹8.88 लाख, चार तालाब के लिए ₹7.32 लाख और एक तालाब के लिए ₹9.69 लाख निर्धारित की गई है। इच्छुक किसान समय पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते हैं।

मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना का उद्देश्य
इस योजना के माध्यम से बिहार के चौर क्षेत्रों की ऐसी निजी भूमि, जिसका पर्याप्त उपयोग नहीं हो रहा है, उसे मत्स्य पालन के लिए विकसित किया जाता है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
- अनुपयोगी चौर भूमि को मत्स्य पालन योग्य बनाना।
- राज्य में मछली उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाना।
- किसानों को अतिरिक्त आय का साधन उपलब्ध कराना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना।
- जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना।
- चौर क्षेत्रों के समग्र एवं सतत विकास को बढ़ावा देना।
- बिहार में मत्स्य पालन को और अधिक मजबूत बनाना।
बिहार सरकार की योजना संबंधी जानकारी के अनुसार, चौर भूमि के विकास से मत्स्य उत्पादन के साथ किसानों की आमदनी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की संभावना है।
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 में कितना अनुदान मिलेगा?
वित्तीय वर्ष 2026-27 की आधिकारिक योजना तालिका के अनुसार मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना में 50% अनुदान निर्धारित है। एक हेक्टेयर में एक तालाब निर्माण इनपुट सहित इकाई लागत ₹9.69 लाख बताई गई है। इसी योजना में एक हेक्टेयर में दो तालाब और चार तालाब निर्माण के लिए क्रमशः ₹8.88 लाख और ₹7.32 लाख की इकाई लागत भी दी गई है।
| विवरण | 2026-27 की जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना |
| विभाग | पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार |
| वित्तीय वर्ष | 2026-27 |
| एक हेक्टेयर में एक तालाब की इकाई लागत | ₹9.69 लाख |
| एक हेक्टेयर में दो तालाब की इकाई लागत | ₹8.88 लाख |
| एक हेक्टेयर में चार तालाब की इकाई लागत | ₹7.32 लाख |
| अनुदान | 50% |
| भूमि की आवश्यकता | 1 हेक्टेयर |
| आवेदन का माध्यम | ऑनलाइन |
योजना के तहत किसे लाभ मिलेगा?
योजना का लाभ ऐसे पात्र आवेदकों को मिल सकता है जो चौर बहुल क्षेत्रों में निजी भूमि पर मत्स्य पालन आधारित गतिविधि विकसित करना चाहते हैं। आवेदन से पहले संबंधित जिले के लिए जारी दिशा-निर्देश और भूमि संबंधी शर्तों की जांच करना जरूरी है।
संभावित लाभार्थी श्रेणियों में शामिल हैं:
- व्यक्तिगत लाभार्थी
- परिवार
- समूह लाभार्थी
- पात्र उद्यमी
- निजी भूमि मालिक
- पात्र पट्टेदार
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 के लिए पात्रता
आवेदन करने से पहले निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखें:
- आवेदक बिहार का पात्र निवासी/लाभार्थी होना चाहिए।
- आवेदक के पास योजना के अनुरूप चौर क्षेत्र की निजी भूमि या वैध पट्टे की भूमि होनी चाहिए।
- भूमि का उपयोग योजना के निर्धारित उद्देश्य के अनुसार किया जाना चाहिए।
- आवेदक को विभाग द्वारा निर्धारित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।
- समूह या सामूहिक परियोजना के मामले में आवश्यक सहमति पत्र प्रस्तुत करना पड़ सकता है।
- उद्यमी श्रेणी में अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के दौरान सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है:
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आधार कार्ड
- जाति प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र
- अद्यतन राजस्व रसीद
- वैध पट्टा/लीज एग्रीमेंट, यदि भूमि पट्टे पर है
- बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज
- सामूहिक कार्य के लिए सहमति पत्र
- उद्यमी के लिए पंजीकरण प्रमाण पत्र, यदि लागू हो
- अन्य आवश्यक घोषणा/शपथ पत्र
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

बिहार मत्स्य निदेशालय की वेबसाइट पर वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन करने के लिए पहले मत्स्य योजनाओं के पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक है।
चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट खोलें
सबसे पहले बिहार मत्स्य निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
बिहार मत्स्य निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट
चरण 2: मत्स्य योजनाओं के आवेदन वाले विकल्प पर जाएं
वेबसाइट पर मत्स्य योजनाओं हेतु आवेदन से संबंधित विकल्प चुनें।
चरण 3: नया पंजीकरण करें
यदि आपने पहले पंजीकरण नहीं किया है तो नया पंजीकरण करें। पंजीकरण के लिए आवश्यक व्यक्तिगत, पता, बैंक और अन्य जानकारी भरें।
चरण 4: मोबाइल नंबर सत्यापित करें
अपना वैध मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP के माध्यम से सत्यापन पूरा करें।
चरण 5: लॉगिन करें
पंजीकरण पूरा होने के बाद प्राप्त पंजीकरण संख्या/पासवर्ड की सहायता से पोर्टल पर लॉगिन करें।
चरण 6: मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना चुनें
लॉगिन करने के बाद उपलब्ध योजनाओं में मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना का चयन करें और आवेदन फॉर्म भरें।
चरण 7: दस्तावेज अपलोड करें
आवेदन में मांगे गए दस्तावेजों को निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें।
चरण 8: आवेदन जमा करें
सभी जानकारी अच्छी तरह जांचने के बाद आवेदन को Final Submit करें और प्राप्त रसीद/आवेदन संख्या को सुरक्षित रखें।
बिहार मत्स्य निदेशालय की 2026-27 की वेबसाइट पर भी बताया गया है कि आवेदन के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और पहले से पंजीकृत आवेदक लॉगिन करके आवेदन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 में आवेदन फॉर्म कैसे भरें?

इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें:
चरण 1: सबसे पहले बिहार मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और “वित्तीय वर्ष की सभी योजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए जा रहे हैं” वाले विकल्प पर क्लिक करें।
चरण 2: अब “यदि आप पहले से ही पंजीकृत हैं, यहाँ लॉगिन करें” विकल्प पर क्लिक करके अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड से लॉगिन करें।
चरण 3: लॉगिन करने के बाद ऊपर दिए गए “योजना नाम” विकल्प में जाकर “आवेदन पत्र” का चयन करें।
चरण 4: आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी दर्ज करें, जैसे:
- व्यक्तिगत विवरण
- स्थायी पता
- बैंक खाते का विवरण
- भूमि से संबंधित जानकारी
- योजना से संबंधित वित्तीय विवरण
- कृषि, बागवानी एवं कृषि वानिकी से संबंधित जानकारी
चरण 5: अब आवश्यक दस्तावेजों को पोर्टल पर अपलोड करें। इसमें मुख्य रूप से:
- पासपोर्ट साइज फोटो
- आधार कार्ड
- भूमि स्वामित्व प्रमाण पत्र
- अद्यतन राजस्व रसीद
- पट्टा/लीज समझौता, यदि लागू हो
चरण 6: सभी जानकारी और दस्तावेजों को अच्छी तरह जांचने के बाद Submit बटन पर क्लिक करके आवेदन जमा करें। आवेदन सफलतापूर्वक जमा होने के बाद आवेदन की रसीद प्राप्त होगी, जिसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखें।
2026-27 में योजना की खास बात क्या है?
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना को सात निश्चय-2 की योजनाओं में शामिल किया गया है। आधिकारिक लक्ष्य तालिका में 187 इकाइयों के लिए ₹916.015 लाख का वित्तीय लक्ष्य दर्ज है। इसके अलावा सात निश्चय-3 के अंतर्गत इस योजना की पूरक व्यवस्था के लिए भी ₹1,969.83165 लाख का वित्तीय लक्ष्य दर्ज किया गया है।
इससे स्पष्ट है कि 2026-27 में योजना को चौर क्षेत्र के विकास और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए आगे भी जारी रखा गया है।
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026: महत्वपूर्ण लिंक
| विवरण | लिंक |
|---|---|
| आधिकारिक वेबसाइट | यहां क्लिक करें |
| मत्स्य योजनाओं के लिए आवेदन | यहां क्लिक करें |
| मत्स्य योजना पंजीकरण | यहां क्लिक करें |
| पहले से पंजीकृत आवेदक लॉगिन | यहां क्लिक करें |
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 FAQ
1.मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना क्या है?
यह बिहार सरकार की एक मत्स्य विकास योजना है, जिसके माध्यम से चौर क्षेत्रों की उपयुक्त निजी भूमि को तालाब एवं मत्स्य पालन आधारित गतिविधियों के लिए विकसित करने को प्रोत्साहित किया जाता है।
2.2026-27 में कितनी सब्सिडी मिलेगी?
विभाग की 2026-27 की योजना तालिका के अनुसार इस योजना में 50% अनुदान निर्धारित है।
3.एक हेक्टेयर में एक तालाब की लागत कितनी है?
2026-27 की आधिकारिक तालिका में एक हेक्टेयर में एक तालाब निर्माण इनपुट सहित ₹9.69 लाख की इकाई लागत दर्ज है। (
4.क्या ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हां। बिहार मत्स्य निदेशालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था दी है। आवेदन से पहले पंजीकरण करना आवश्यक है।
5.क्या पट्टे की जमीन वाला व्यक्ति आवेदन कर सकता है?
यदि संबंधित वर्ष के विभागीय दिशा-निर्देशों में वैध पट्टे/लीज की भूमि को पात्र माना गया है, तो निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है। आवेदन करने से पहले अपने जिले के नवीनतम दिशा-निर्देश जरूर जांचें।
6.योजना किस विभाग द्वारा चलाई जा रही है?
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य निदेशालय द्वारा संचालित की जा रही है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री समेकित चौर विकास योजना 2026 बिहार के चौर क्षेत्रों में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। 2026-27 के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार योजना में 50% अनुदान का प्रावधान है और एक हेक्टेयर में एक तालाब निर्माण की इकाई लागत ₹9.69 लाख निर्धारित की गई है। इच्छुक लाभार्थी आवेदन करने से पहले अपनी भूमि, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर बिहार मत्स्य निदेशालय के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।